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हिटलर के बारे में दी गई जानकारी...

 

 

hitler

 

हिटलर का डर आज भी है लीगों को : डॉ. प्रदीप देवघर (____________________________) : 'आओ हम दुनिया को जाने' कार्यक्रम के दौरान विवेकानन्द शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवम् क्रीड़ा संस्थान के केन्द्रीय अध्यक्ष सह योगमाया मानवोत्थान ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने उपस्थित बिद्यार्थियों को एडोल्फ हिटलर के बारे में जानकारी दी । उन्होंने कहा, 20 अप्रैल,1889 को ऑस्ट्रिया में हिटलर का जन्म हुआ था । उनकी प्रारंभिक शिक्षा लिंज नामक स्थान पर हुई । पिता की मृत्यु क्र बाद 17 वर्ष की उम्र में उन्होंने वियना आ गए । वहाँ कला विद्यालय में प्रविष्ट होने में असफल होकर वे पोस्ट कार्डों पर चित्र बनाकर अपना जीवन निर्वाह करने लगे । प्रथम विश्व युद्ध के समय वे सेना में भर्ती हुए और कई लड़ाइयाँ लड़ी । 1918 में वे युद्ध में घायल हो गए । जर्मनी का पराजय का दुःख उन्हें काफी सताया । इसी वर्ष उन्होंने 'राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी' की स्थापना की जिसका उद्देश्य साम्यवादियों और यहूदियों से सब अधिकार छीनना था । सन् 1921 में वर एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में उभरें । उन्होंने 'स्वस्तिक' को अपने दल का चिह्न बनाया । सन् 1923 उन्होंने में जर्मन सरकार को उखाड़ कर फेंकने का प्रयास किया पर असफल रहें । उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी । जेल में ही उन्होंने अपनी आत्मकथा "मीन कैम्फ" ( मेरा संघर्ष ) पुस्तक लिखी । सन् 1933 में चांसलर बनते ही जर्मन संसद को भंग किया और 1934 में स्वयं को सर्वोच्च न्यायाधीश घोषित किया । उसी वर्ष हिंडनवर्ग की मृत्यु के बाद राष्ट्रपति बन गए और अपनी मृत्यु तक विराजमान रहें । द्वितीय विश्वयुद्ध के लिए वर सर्वाधिक जिम्मेदार माने जाते हैं । उनकी मृत्यु 30 अप्रैल, 1945 को हुई । भले ही हिटलर जैसे प्रसिद्ध राजनेता एवम् तानाशाह जीवित नहीँ हैं परन्तु उनका डर आज भी लोगों के दिल में है ।

 

 

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