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एच0आई0वी0 के साथ जी रहे व्यक्ति टी0वी0 की जांच अवश्य कराए

 

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एच0आई0वी0 के साथ जी रहे व्यक्ति टी0वी0 की जांच अवश्य कराए- डाॅ बीरेन्द्र प्रसाद, जिला यक्षमा पदाधिकारी
छुटे हुए 3 मिलियन टी0बी0 मरीजों की खोज में अपना योगदान दें - डाॅ ओमप्रकाश सिंह, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
सिर्फ सरकारी भरोसे नहीं बल्कि टी0बी0 रोक थाम सामाजिक आंदोलन बने - चन्द्रमणी
एक टी0बी0 मरीज खोजे 300 रू प्रोत्साहन राषि पाए - स्वर्णलता रंजन प्रभारी

बिश्रामपूर, पलामू 02 सितम्बर 2014 गामीण समाज कल्याण विकास मंच एवं पुनरिक्षित यक्षमा नियंत्रण कार्यक्रम के संयुक्त तत्वधान में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ एस0के0पी0 यादव की अध्यक्षता मंे ग्राम सहिया एवं स्वास्थ्य कर्मीयों के टी0बी0 के लक्षण की खोज एवं इसकी रोकथाम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उदघाटन असैनिक शल्य चिकित्सक, सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ विजय कुमार सिंह एवं जिला यक्षमा पदाधिकारी डाॅ बीरेन्द्र प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रजवलीत कर किया। जिसका संचालन मो0 हशमत रब्बानी ने की। इस अवसर पर टी0बी0 रीच कार्यक्रम पदाधिकारी स्वर्णलता रंजन, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चन्द्रमणी कुमार सहित यक्षमा नियंत्रण विभाग के कई अधिकारी ए0एन0एम0, सहिया साथी, बी0टी0टी0 एवं दो सौ सहिया उपस्थित थी। यह कार्यशाला 3 सितम्बर 2014 तक चलेगा।
इस अवसर पर सहियाओं को संबोधित करते हुए मंच के सचिव मो0 हशमत रब्बानी ने कहा कि टी0बी0 एक सामाजिक कलंक या पूर्व जन्म का कोई फल नहीं है, इसका इलाज पूरी तरह संभव है। नियमित एवं पूर्ण इलाज आवष्यक है। टी0बी0 के लक्षण:- 1) दो सप्ताह से अधिक खासी 2) रात्री में पसीना देकर बुखार आना 3) वजन में कमी होना 4) भूख न लगना 5) छाती में दर्द 6) बलगम के साथ खुन आना। उन्होने आवाहन किया कि टी0बी0 मरीज के लक्ष्ण छुपाए नहीं
डाॅ बीरेन्द्र प्रसाद, जिला यक्षमा पदाधिकारी ने कहा कि एच0आई0वी0 के साथ जी रहे व्यक्ति टी0बी0 की जांच अवश्य कराए, पूर्व मंे दवा खा चुके मरीज एवं उनके परिवार को अवश्य रेफर करे। उन्होंने कहा कि आज से एक दसक पहले भारत में एक मीनट में एक व्यक्ति की मौत टी0बी0 के कारण होती थी, अभी तीन मीनट में दो व्यक्ति की मौत हाती है। उन्होने टी0बी0 के कटेग्री को विस्तार पूर्वक समझाते हुए कहा कि कैट 1 टी0बी0 होने पर छः माह की दवा, कैट 2 होने पर नौ माह की दवा खानी पड़ती है, कैट 3 नहीं होता, कैट 4 टी0बी0 को रेस्सिटेंट टी0बी0 कहते है जिसका इलाज दो वर्षो का होता है एवं कैट 4 टी0बी0 को एक्सटेन्सीव ड्रग रेस्सिटेंट कहते है जिसके ईलाज में पुरी जीवन भर दवा खानी पड़ती है। मरीज खोजने पर 300 रूपया प्रोत्साहन राशि टी0बी0 रीच द्वारा एवं छः माह तक दवा खिलाने पर 1000 की प्रोत्साहन राशि आर0एन0टी0सी0पी0 द्वारा दी जाएगीं। उन्होंने पुरी दवा लेने की सलाह दी। ले अगर पुरी दवा नहीं लेते तो ड्रग रेसिस्ट की संभावना होती है टी0बी0 की दवाएं उनके शरीर पर प्रभावहीन हो जाती है। इस दौरान उन्होनंे टी0बी0 मरीजों को शराब न पीने एवं धुम्रपान न करने की सलाह दी।
विष्व स्वास्थ्य सगंठन के सौजन्य से ग्रामीण समाज कल्याण विकास मंच द्वारा डालटनगंज एवं विश्रामपुर टी0बी0 युनिट अंतर्गत सात प्रखण्ड क्रमषः चैनपूर, रामगढ़, डालटनगंज, नावाबाजार, विश्रामपूर, पांडू एवं उटारी रोड में टी0बी0 रीच प्रोग्राम अगस्त 2014 से पुनः प्रारम्भ किया गया है। जैसा ज्ञात है कि टी0बी0 एक जनस्वास्थ्य समस्या है एक संक्रमित व्यक्ति एक वर्ष में दर्जनों समान्य व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी स्वर्णलता रंजन ने कहा कि पूरे विश्व में नौ मिलियन लोग टी0बी0 से ग्रस्त है जिसमें छः मिलियन तक सरकारी सुविधा पहुंच रही है बाकि तीन मिलियन लोग सरकारी पहुंच से बहुत दूर है, जिसमें एक मिलियन सिर्फ भारत में है, झारखण्ड में लगभग 35 हजार। ये परिस्थिति को देखते हुए संस्था ने विभाग के साथ सम्नवय स्थापित कर पुनः टी0बी0 खोज अभियान प्रारम्भ किया है, जिसमें हमारा नारा है एक टी0बी0 मरीज खोजे 300 रू प्रोत्साहन राषि पाए।

इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि छुटे हुए 3 मिलियन टी0बी0 मरीजों की खोज में अपना योगदान दें -,
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री चन्द्रमणी कुमार ने कहा कि सिर्फ सरकारी भरोसे नहीं बल्कि टी0बी0 रोक थाम सामाजिक आंदोलन बने
इस अवसर पर आर0एन0टी0सी0पी0 के तकनिकि प्रवेक्षक श्री नन्दू चैधरी ने कहा कि 15 से 35 वर्ष के बीच अपने आजीविका चलाने के क्रम में ही वे टी0बी0 के शिकार हो जा रहे है। उन्होनें ने कहा कि तीन लाख बच्चे टी0बी0 के कारण स्कूल से बाहर है शिक्षा से वंचित है एवं एक लाख महिलाओ को प्रति वर्ष परित्याग कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि टी0बी0 मरीज जांच के लिए श्लेवा नहीं स्पूटम की आवश्यकता पड़ती है, इसके लिए स्पूटम निकालने का सही तरीका यह है कि खुले मैदान में तीन चार बार गहरी सांस ले एवं तीन एम0एल0 बलगम निकाले।
इस अवसर पर एल0टी0 रंजन कुमार ने टी0बी0 रीच के रेफर के तरीको को बताया
इस अवसर पर टी0बी0 रीच कार्यक्रम प्रभारी स्वर्णलता रंजन ने कहा कि एक टी0बी0 मरीज खोजे 300 रू प्रोत्साहन राषि पाए -

 

 

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