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भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ

 

 

इलाहाबाद ! भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ की नई राष्ट्रीय व प्रान्तीय कार्यसमिति का चुनाव/पुनर्गठन 25 दिसम्बर 15 तक पूरा कर लिया जाएगा। सभी पदो ंके लिए नामांकन 15 दिसम्बर तक स्वीकार किये जाएंगे। राष्ट्रीय व प्रांतीय पदो के लिए आजीवन सदस्यता अनिवार्य है। राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्य महासचिव के लिए नामांकन शुल्क 2500/- तथा अन्य पदों के लिए 2000/- जमा करना होगा। प्रदेश अध्यक्ष व मुख्य महासचिव के लिए 2100/- तथा अन्य पदो ंके लिए 1500/- नामांकन शुल्क जमा करना अनिवार्य है। 15 दिसम्बर के बाद कोई नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिस इकाई अथवा पदाधिकारी का कुछ भी बकाया होगा उनहें उसे जमा करना होगा तभी नामांकन भर पायेंगे। सभी तहसीलों जिलों व मंडलों की सूची प्रत्येक दशा में 10 दिसम्बर 15 तक भेजना अनिवार्य है। जो इकाई अथवा पदाधिकारी उपरोक्त नियमों का पालन नहीं कर पायेंगे उनसे अपेक्षा है कि अ बवह उपेक्षा नहीं करेंगे। प्राथमिक इकाई का मानक जिले से बदलकर तहसील इकाई कर दिया गया है और अब तहसील, जिला, मण्डल व प्रदेश इकाई के सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी गयी है। भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक डाॅ0 भगवान प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि अभी तक तहसीलों को जिला इकाई से सम्बद्ध करके रखा जाता था किन्तु वर्ष 2016 से तहसील इकाई स्वतंत्र रूप से कार्य करेगी उसकी अपनी अलग कार्यकारिणी होगी और प्रत्येक सदस्य अब तहसील इकाई का प्राथमिक सदस्य माना जाएगा। महासंघ अब जिले के स्थान पर तहसील इकाइयों को वरीयता देगा और प्रत्येक तहसीलों में सम्मेलन/बैठक/आयोजन आदि का निर्णय व क्रियान्वयन तहसील इकाई द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक तहसीलों में न्यूनतम सदस्य अनिवार्यतः होंगे तथा तहसील इकाइयों का गठन पूर्ण हो जाने पर ही जिला इकाई की मान्यता होगी अर्थात जिला इकाई तभी बनायी जाएगी जब उसकी प्रत्येक तहसीलों में इकाई बन जाएगी। प्रत्येक जिला इकाइयों में न्यूनतम पन्द्रह सदस्य संख्या पचास कर दी गयी है। अभी तक दस बीस सदस्यों वाले जिले को मान्यता दे जाती थी किन्तु अब ऐसा नहीं होगा। पचास सदस्य पूर्ण हो जाने पर ही जिला इकाई मान्य होगी इसी प्रकार मण्डल इकाई में भी न्यूनतम सदस्य संख्या दो सौ कर दी गयी है। इससे कम सदस्यता वाले मंडलों में मंडल इकाई का पद नहीं भरा जाएगा। वर्ष 2016 से प्रदेश की इकाइयों का भी मानक बदल गया है। अब वही प्रदेश इकाई मान्य होगी जिसमें कम से कम बीस जिलों में इकाई पूर्णतः गठित हो जाएगी। प्रत्येक प्रदेश पदाधिकारियों को आजीवन सदस्य बनना अनिवार्य होगा। अभी तक बिना आजीवन सदस्य बने जो भी प्रदेश इकाई में रखे गये थे यदि वे पुनः अपने पर पर अथवा प्रदेश इकाई के किसी भी पद पर रहना चाहते हैं तो उन्हें सर्वप्रथम आजीवन सदस्यता तत्काल ग्रहण करनी होगी और महासंघ द्वारा निर्धारित मानक पूर्ण करना ही होगा। इसी प्रकार राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी उपरोक्त मानक रखा गया है। दिसम्बर 15 तक ही वर्तमान प्रान्तीय व राष्ट्रीय पदाधिकारी मान्य है। जनवरी 16 से नयी कार्यकारिणी प्रभावी हो जाएगी। नये सत्र से बनने वाले परिचय पत्रों का प्रारूप भी बदल दिया गया है। अब परिचय पत्र केवल जनवरी से दिसम्बर तक भी मान्य होंगे। प्रत्येक माह बनने वाले परिचय पत्र की व्यवस्था खत्म कर दी गयी है। वर्ष 2016 के परिचयपत्र बन रहे हैं कृपया सभी सदस्य अपना नवीनीकरण शुल्क कार्यालय में जमा करके परिचयपत्र प्राप्त कर लें।

 

 

 

 

भगवान प्रसाद उपाध्याय
राष्ट्रीय संयोजक

 

 

 

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