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राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया गया.....

 

 

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अपनी मानसिक ऊर्जा को अच्छी सोचों में खपत करें : डॉ प्रदीप देवघर (_______________________): अपने शहर के ताज ऑडिटोरियम में विपनेट, विज्ञान प्रसार, नई दिल्ली द्वारा पंजीकृत स्थानीय साइंस एण्ड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाईजेशन के बैनर तले राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के बीच एक संगोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ । मौके पर और आर्गेनाईजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने कहा - पूरे भारत में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस लोगो द्वारा 14 दिसंबर को मनाया जाता है । भारत में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम वर्ष 2001 में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा निष्पादित किया गया ।ऊर्जा दक्षता ब्यूरो एक संवैधानिक निकाय है जो भारत सरकार के अनर्गत आता है और ऊर्जा का उपयोग कम करने के लिए नीतियों और रणनीतियों के विकास मदद करता है । भारत में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम का उद्देश्य पेशेवर योग्य और ऊर्जावान प्रबंधकों के साथ ही लेखा परीक्षकों को नियुक्त करना है जो ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं के लागू करने और ऊर्जा परियोजनाओं, नीति विश्लेषण, वित्त प्रबंधन में विशेषज्ञ हो । भारत में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस लोगों को ऊर्जा के महत्व के साथ ही साथ बचत, और ऊर्जा की बचत के माध्यम से संरक्षण के सन्दर्भ जागरूक करना है । ऊर्जा संरक्षण का सही अर्थ है ऊर्जा के अनावश्यक उपयोग कम करके कम ऊर्जा का उपयोग कर ऊर्जा की बचत करना है । कुशलता से ऊर्जा का उपयोग भविष्य में उपयोग के लिए इसे बचाने के लिए बहुत आवश्यक है । ऊर्जा संरक्षण की योजना की दिशा में अधिक प्रभावशाली परिणाम प्राप्त करने के लिए हर इन्सान के व्यवहार में ऊर्जा संरक्षण निहित होना चाहिए । कोई भी ऊर्जा की बचत इसकी गंभीरता से देखभाल करके कर सकता है । दैनिक उपयोग के बहुत से विद्युत् उपकरणों को जैसे बिना उपयोग के चलते हुए पंखों, बल्बों, हीटर आदि को बन्द करके हम ऊर्जा का संरक्षण क्र सकते हैं । यह अतिरिक्त उपयोग की ऊर्जा की बचत करने का सबसे कुशल तरीका है जो ऊर्जा संरक्षण अभियान में सबसे महत्व्पूर्ण भूमिका अदा करता है । जीवाश्म ईंधन, कच्चे तेल, कोयला, प्राकृतिक गैस इत्यादि और दैनिक जीवन में उपयोग के लिए पर्याप्त ऊर्जा उत्पन्न करते है लेकिन दिनों दिन इनकी बढ़ती मांग प्राकृतिक संसाधनों के कम होने के भय पैदा करता है । ऊर्जा संरक्षण ही केवल एक रास्ता है जो ऊर्जा के गैर-नवीनीकृत साधनों के स्थान पर नवीनीकृत साधनों का प्रतिस्थापित करता है । डॉ. देव ने कहा- इन ऊर्जाओं के अलावे मानसिक ऊर्जा का उपयोग हमें अच्छी सोचों में खर्च करनी चाहिए । मॉडर्न पब्लिक स्कूल के छात्र राहुल कुमार ने कहा- हमें अपने स्तर से ऊर्जा की खपत कम करके राष्ट्र को मजबूती प्रदान करना है । शिक्षक अजय नन्दन, सदस्य आदर्श कुमार, नवजीवन कुमार व अन्य ने भी विषय वस्तु पर प्रकाश डाला ।

 

 

 

PRADIP KUMAR SINGH Deo

 

 

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