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मेरी आँखों में मुहब्बत के जो मंज़र है,
तुम्हारी ही चाहतों के समंदर है ,
में हर रोज चाहता हु की तुझसे ये कह दू मगर
लबो तक नहीं आता , जो मेरे दिल के अन्दर है!!!!!
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मेरे दिल में तस्वीर हे तेरी , निगाहों में तेरा ही चेहरा है,
नशा आँखों में मुहब्बत का , वफ़ा का रंग ये कितना सुनहरा है,
दिल की कश्ती कैसे निकले अब चाहत के भंवर से,
समंदर इतना गहरा है , किनारों पर भी पहरा है !!!
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वो हर रोज मुझसे मिलती है , में हर बार नहीं कह पता,
जो दिल में इतना प्यार भरा है , लबो पर क्यों नहीं आता,
हम भी कभी नहीं करते थे प्यार-मुहब्बत के किस्सों पर यकी,
मगर जब दिल को छु जाये कोई एक बार, फिर कोई और नहीं भाता!!

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किनारों को नहीं मालूम क्या होती है गहराई ,
हमरे दिल को क्या मालूम क्या होती है रुसवाई ,
मुहब्बत में जो लूट जाते है , किसी को पाने की चाहत में ,
जरा वो ही बताये क्या होती है दिलो की बेवफाई !!!!
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जो आँखों से पड़ लिए होते , तुने मेरे दिल के फ़साने
तो ना घूमते तेरी यादो में होके यु दीवाने
मुहब्बत को हमारी भी मिल जाती मंजिले
हर गली हर मोड पर बाया होते हमारे ही अफसाने!!!!!!
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मेरे प्रीत की रीत पर , गीत प्रेम के गाना होगा
धरती की तपन में जो अगन हो , तो बादलो को जल बरसाना होगा
तोड़ के बंधन सारे ज़माने के , मुहब्बत के वादों को निभाना होगा
जो मेरी चाहत में हो इबादत , तो एक रोज तुम्हे आना होगा !!
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हर ख्वाब नहीं बनता है हकीकत , हर सपना साकार नहीं होता
हवा के बुलबुलों का कोई आकार नहीं होता
मुहब्बत के सफ़र में मिलती नहीं बिना तडपे ही मंजिले
दिलो के खेल में युही दिलो पर अधिकार नहीं होता!!!
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हमें बर्बाद करने वालो की दुनिया कुछ इस तरह आबाद रही
हमारे आगन सुने रहे उन पर खुशियों की सोगात रही
मुहब्बत तो हम दोनों ने ही की थी , सजा सिर्फ हमको क्यों मिली
हम पर गमो के बादल छाए रहे , उनके घर बेमोसम बरसात रही
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मेरी आँखों में अब भी , मुहब्बत की वो ही कहानी हे ,
दिल के सागर में लहरें उम्मीद की , धडकनों में चाहत की रवानी हे ,
में हर पल तुझे भूलना चाहता हु , मगर मालूम है मुझको ,
तुम्हारी याद तो हर साँस में आनी हे , तुम्हारी याद तो हर साँस में आनी हे, !!!
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