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तार्किक एवं सत्य विचार

 

 

संगीत आत्मिक विचारों को फूलों की तरह सींचती है |
सम्पनता श्रेष्ठा की पहचान नही होनी चाहिए, अपितु श्रेष्ठा बैक्तित्व गुणवता का दर्शन मात्र होनी चाहिए |
जीवन के आतंरिक तरंगो को हमेशा महसूस ही नही, बल्कि अभिरूप भी देना जीवन रूप का आईना है |
नज़रिया नज़रो से ना बदले, बल्कि अपनी कदमों के साहसिक कार्यो से बदले |
जीवन के रहस्य मे ना उलझे, अपितु रहस्य मे अपना सुरक्षित जीवन ढूंढे |
सालीनता, चारित्रिक वैक्तित का दर्पण है |
अपने आप को हमेशा कोसते रहना, अपनी नैतिक जिम्मेवारी से अलग होना दर्शाता है |
आत्मनिर्भरता अपने आप के विवेक-चेतना को ज्वालामुखी रूप में परदर्शित करती है |
सदैव सकारात्मक पहलू विद्वत्ता का परिचायक है |
परंपरा सामाजिक दायित्व का लेख है |
मेहनत से कुछ न मिलना उतना बुरा नहीं, जितना स्वयं पर विश्वास न करना |

 

 

 

अखिलेश कुमार भारती

 

 

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